शरीर साम्राज्य का महायुद्ध - अध्याय 5 : महासमरसता की पहली परीक्षा


अध्याय 5 : महासमरसता की पहली परीक्षा

देह साम्राज्य में नक्शे अभी पूरी तरह बदले नहीं थे, लेकिन उनके बदलने की कागज़ी तैयारी पूरी हो चुकी थी। उत्तर की 'कॉर्टेक्स स्टडी काउंसिल' और दक्षिण के 'समान वितरण मोर्चे' ने अपने-अपने प्रशासनिक क्षेत्रों की रूपरेखा तय कर ली थी। यह समय सीमाओं के औपचारिक खिंचने का नहीं, बल्कि उस ठंडे सन्नाटे का था जो किसी बड़े भूकंप से पहले धरती पर छा जाता है।

परंतु, इस राजनैतिक शीत युद्ध का सबसे क्रूर प्रहार किसी महल पर नहीं, बल्कि रक्तेश जैसे आम नागरिकों के चूल्हों और उनके परिवारों पर हुआ था।

रक्तेश का मालवाहक जहाज जब उन दिनों महाधमनी के एक मोड़ पर खड़ा था, तो उसकी आँखें दूर उत्तर की कपाल पहाड़ियों की ओर टिकी थीं। विभाजन ने उसके वजूद को बीच से चीर दिया था।

उसकी माँ, एक बूढ़ी लाल रक्त कोशिका, जिसका हीमोग्लोबिन अब धुंधला पड़ चुका था, उत्तर के 'मस्तिष्क नगर' के केंद्रीय जलाशयों (Sinuses) में रहती थी, जहाँ का वातावरण ठंडा और शांत था। वहीं, उसका छोटा भाई, जो अभी अस्थि-मज्जा से नया-नया निकला था, दक्षिण के पेशी राज्यों में तैनात था।

नए नियमों के अनुसार, उत्तर की काउंसिल ने 'डेटा फिल्ट्रेशन' और सुरक्षा के नाम पर दक्षिण से आने वाले आम जहाजों के लिए कड़े परमिट लागू कर दिए थे। रक्तेश अपनी नाव में बैठा उन कागज़ों को देख रहा था जिन्हें मंज़ूरी मिलने में हफ़्तों लग रहे थे।

"माँ वहां अकेली है, रक्तेश," उसके भाई ने दक्षिण के घाट से उसे विदा करते हुए भरी आवाज़ में कहा था। "सुना है उत्तर वाले अब दक्षिण के नागरिकों को संदेह से देखते हैं। क्या हम कभी वापस एक साथ तैर पाएंगे?"

रक्तेश के पास कोई जवाब नहीं था। जो लाल नदियाँ कभी पूरे साम्राज्य को एक धागे में पिरोती थीं, वे अब दो अलग-अलग नागरिकताओं के पहचान-पत्र बांट रही थीं। संकट अब केवल एक अमूर्त विचार नहीं था; वह रक्तेश के घर की चौखट तक आ पहुँचा था।

उसी रात, अपनी-अपनी सीमाओं के भीतर, दोनों पुराने मित्र—चांसलर सेरेब्रम और किंग वेंट्रिकल—अकेले थे। वे राष्ट्राध्यक्ष बनने की दहलीज पर थे, लेकिन उनके भीतर का इंसान अभी पूरी तरह मरा नहीं था।

मस्तिष्क नगर के सबसे ऊंचे बुर्ज पर खड़े होकर चांसलर सेरेब्रम ने नीचे बहती नीली विद्युत-धाराओं को देखा। उनकी पीठ झुकी हुई थी और आँखों में एक गहरा अकेलापन था। उन्होंने अपने एकांत में धीरे से बुदबुदाया:

"मैंने यह प्रशासनिक दीवार हृदय को रोकने के लिए नहीं बनाई, मेरे पुराने मित्र... मैंने इसे केवल उस अराजकता को रोकने के लिए बनाया है जो भावनाओं के सैलाब के साथ चली आती है। अगर इस साम्राज्य की तर्कबुद्धि ही सुरक्षित नहीं रही, तो हम सब नष्ट हो जाएंगे।"

ठीक उसी समय, दक्षिण के लाल किले में किंग वेंट्रिकल ने अपनी धड़कनों की भारी गूंज के बीच खिड़की से बाहर देखा। उनके चेहरे पर गुस्सा नहीं, बल्कि एक अपार दुख था। उन्होंने अपने खाली कक्ष में कहा:

"मैंने दक्षिण को अलग करने का पाप अपनी इच्छा से नहीं किया, सेरेब्रम... मैंने केवल उन करोड़ों मूक कोशिकाओं की रक्षा की है, जिन्हें तुम्हारे ऊंचे आंकड़ों के महल में कोई सुन नहीं रहा था। जीवन केवल संख्या नहीं है, उसे करुणा चाहिए।"

दोनों ही खुद को देशभक्त समझ रहे थे, दोनों ही साम्राज्य की भलाई चाहते थे, लेकिन उनके आदर्शों के इसी टकराव ने देह साम्राज्य के पैरों के नीचे की ज़मीन खिसका दी थी।

और तभी... वह हुआ जिसने इस टूटते हुए तंत्र की पहली जैविक परीक्षा ली।

महान सीमा प्राचीर (त्वचा) के एक अत्यंत सुदूर और उपेक्षित कोने में, जहाँ एक छोटा सा खरोंच का निशान था, वहाँ सुरक्षा व्यवस्था थोड़ी ढीली थी। सामान्य दिनों में, जब पूरे साम्राज्य में 'महासमरसता' का राज था, तो जैसे ही त्वचा की दीवार पर कोई आंच आती, मस्तिष्क तुरंत वहां दर्द का संदेश भेजता, हृदय रक्त का दबाव बढ़ाकर वहां मरम्मत की सामग्री भेजता, और प्रतिरक्षा सेना के सैनिक बिना एक पल गंवाए दुश्मन को वहीं दफ़्न कर देते।

लेकिन आज रात, स्थिति अलग थी।

अंधेरी, बाहरी दुनिया से एक अकेला, क्रूर और अदृश्य राइनोवायरस (Rhinovirus) उस खरोंच के रास्ते महान सीमा प्राचीर को लांघकर साम्राज्य के भीतर घुस आया। वह कोई विशाल सेना नहीं था, बस एक अकेला घुसपैठिया था।

जैसे ही वह सीमा के भीतर पहुँचा, वहां तैनात न्यूट्रोफिल सैनिकों ने उसे देख लिया। लेकिन हमेशा की तरह तुरंत हमला करने के बजाय, सेना की स्थानीय चौकी के कमांडर ने अपने मुख्यालय 'इम्यून जुंटा' को संदेश भेजा, "एक घुसपैठिया दिखा है। क्या हमें स्वायत्त कानून के तहत कार्रवाई करनी है या राजा के आदेश का इंतजार करना है?"

मुख्यालय से जवाब आने में देरी हुई, क्योंकि सेना अब नागरिक नेतृत्व से कटी हुई थी।

उधर, संवेदी तंत्रिकाओं ने इस घुसपैठ का संदेश ऊपर मस्तिष्क नगर भेजा। चांसलर सेरेब्रम की काउंसिल ने उस संदेश को देखा, लेकिन आंकड़ों के विश्लेषण में समय गंवा दिया, "क्या यह घुसपैठ दक्षिण को डराने के लिए हृदय दुर्ग की कोई चाल तो नहीं? पहले आंकड़ों की पूरी जांच करो, उसके बाद ही एड्रिनल ग्रंथि को आपातकालीन रसायन छोड़ने का आदेश दिया जाएगा।"

नीचे, हृदय दुर्ग को जब तक इस संकट की भनक लगी, किंग वेंट्रिकल ने रक्त का प्रवाह तेज करना चाहा, लेकिन 'पाचन सिंडिकेट' ने ऊर्जा की रसद को कूटनीतिक शर्तों के कारण रोक रखा था।

साम्राज्य के इतिहास में पहली बार... महासमरसता विफल हो गई।

वह अकेला वायरस, जिसे सामान्य दिनों में कुछ ही सेकंड के भीतर मैक्रोफेज योद्धा जिंदा निगल जाते, वह इन राजनैतिक कड़ियों के ढीलेपन के कारण जीवित बच गया। उसने बस्तियों की पहली स्वस्थ कोशिका पर कब्जा कर लिया और उसके मुख्यालय (DNA) को हाईजैक करके अपनी प्रतियों का निर्माण शुरू कर दिया।

रक्तेश अपनी नाव पर लेटा हुआ था, जब उसने देखा कि उत्तर और दक्षिण के मिलन बिंदु पर बहने वाली नदी का पानी अचानक अस्वाभाविक रूप से गर्म होने लगा था। यह बुखार (Fever) की पहली धीमी शुरुआत थी। पूरे साम्राज्य की जैविक लय लड़खड़ाने लगी थी।

रक्तेश ने कांपते हाथों से अपनी पतवार थामी। उसे समझ आ गया था कि विभाजन की जो कीमत वे अब तक केवल कागज़ों और परमिटों में चुका रहे थे, अब उसका असली, जैविक मूल्य पूरे शरीर को अपने खून से चुकाना पड़ेगा।

धीमी आग पर पकने वाला संघर्ष अब केवल विचारों का खेल नहीं रहा था; साम्राज्य के भीतर मौत का पहला बीज बोया जा चुका था।

अध्याय 5 समाप्त।